यह मंदिर हमारे गांव का हमारे गांव की कुलदेवी माँ ऋतम्भरा के नाम से जाना जाता है बहुत सुन्दर बनाया गया है। इसके सामने धुनि भी और साथ हवन कुण्ड है। अगल बगल बांज पेड़ो से और अधिक सुंदरता बड़ जाती है और वही गर्मी के दिनों में इनकी छाँव में बैठने से मन में एक अलग प्रकार की शांति का वाश होता है।
इस मंदिर में बेसी और भागवत का आयोजन बड़े निष्टवान् से किया जाता है इन कार्यो पुरे गांव वाले सहयोग करते है। उन दिनों यहाँ का मोहाल सुंदरमयी बन जाता है जहाँ एक ओर भजन कीर्तन से शाम सजती है वही सुबह की डंगरयो द्वारा कि गयी आरती देखने के लिए गांव के बच्चों से लेकर बुजुर्ग लोग लाठी लेकर आरती देखने आते है।
श्याम जोशी अल्मोड़ा (चंडीगढ़ )
( सर्वाधिकार सुरक्षित )
फोटोग्राफी - श्याम जोशी
