Friday, July 15, 2016

देव भूमि पर बरस रहा कहर कभी आग का तो कभी बाड़ का


देवभूमि उत्तराखंड जहाँ ३३ कोटि देवी देवता बिराजमान है फिर भी वहाँ हर समय बरस रहा कहर कभी आग का तो कभी पानी का कुछ दिन पहले वहाँ पानी के लिए लोग तरस रहे थे जल स्रोत सुख चुके थे आज मेरा पहाड़ पानी पानी हो चूका है आखिर क्यों कैसे कब तक यही सवाल सब के मन मैं है मेरे मन भी यही सवाल उठता है कभी पहाड़ जल जाता है कभी बह जाता है।
कभी केदारनाथ में तबाही तो कभी पिथौरागढ़ डूबता है कभी नैनीताल टूटता है इन सबके पीछे क्या कारण है शायद कोई नहीं जानता सब अपना अपना विचार देते आये है और आगे भी यही होगा मेरा मानना है अगर हम कहते है हमारे भूमि में कण- कण पर भगवान बिराजमान है। जो हमारे पुर्वजो ने सालो पहले उनकी स्थापना की थी। तो आज भी उन्हें उसी तरह क्यों नहीं पूजा जा रहा है।
अरे मानो या ना मानों जो वहाँ के नियम धर्म है सब उस हिसाब से चलंगे तो ये कभी नहीं होगा मोडल जमाने के चकर में हम सब ने अपनी आस्था भी खो दी है और रही बात जो लोग यहाँ बाहर से आते है उन लोगों को भी बताया जाय यहाँ के नियम धर्म इस देव भूमि किस तरह रहा जाता है।

रचना 

श्याम जोशी (अल्मोड़ा चंडीगढ़ )

SHYAM_JOSHI